रिपोर्ट - बबलू वेद, झाड़ोल
'फ़िल्म-इन-एजुकेशन' स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम बना ग्रामीण प्रतिभाओं के सपनों को नई उड़ान देने का मंच, वीवो राजस्थान के CSR सहयोग से 70 से अधिक विद्यार्थियों ने सीखे आधुनिक डिजिटल कौशल
झाड़ोल (उदयपुर)।
ग्रामीण अंचल के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और रचनात्मक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कीरट में एक ऐतिहासिक पहल देखने को मिली। सोमरंजन फाउंडेशन, उदयपुर द्वारा बुबुगाओ कम्युनिकेशन प्रा. लि. (वीवो राजस्थान) के सीएसआर सहयोग से वर्ष 2026–27 के अंतर्गत आयोजित "फ़िल्म-इन-एजुकेशन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम" ने सरकारी विद्यालय के बच्चों को मोबाइल फ़िल्ममेकिंग, अभिनय और डिजिटल कंटेंट निर्माण जैसी अत्याधुनिक विधाओं से रूबरू कराया।
कार्यक्रम में प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक कक्षाओं के 70 से अधिक विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। बच्चों ने पहली बार वीवो स्मार्टफोन के माध्यम से प्रोफेशनल अंदाज में फिल्म निर्माण की बारीकियां सीखीं, जिससे विद्यालय परिसर पूरे दिन रचनात्मक गतिविधियों का केंद्र बना रहा।
बच्चों ने सीखे भविष्य के डिजिटल कौशल
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को अवेयरनेस, टीम वर्क, मेडिटेशन, इमेजिनेशन, स्टोरी टेलिंग, इम्प्रोवाइजेशन, क्रिएटिविटी और प्रभावी संवाद कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही मोबाइल फ़िल्ममेकिंग के अंतर्गत सीन डेवलपमेंट, अभिनय, क्रिएटिव डायरेक्शन, कैमरा अवेयरनेस, डिजिटल साक्षरता और कंटेंट क्रिएशन की आधुनिक तकनीकों से परिचित कराया गया।
फिल्म विशेषज्ञों ने दिया लाइव प्रशिक्षण
कार्यशाला का संचालन डॉ. बेला मलिक (डायरेक्टर, सोमरंजन फाउंडेशन) के नेतृत्व में हुआ। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी प्रोफेशनल फिल्म निर्माता एवं अभिनेता नवीन शर्मा, मौलश्री और उनकी टीम ने संभाली। प्रशिक्षकों ने बच्चों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं दी, बल्कि कैमरे के सामने अभिनय और कैमरे के पीछे निर्देशन एवं शूटिंग का व्यावहारिक अनुभव भी कराया।
ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा नया भविष्य
आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण एवं वंचित क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है, ताकि वे फ़िल्म निर्माण, अभिनय, डिजिटल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन जैसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में अपना करियर बना सकें। यह पहल बच्चों के आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच और तकनीकी दक्षता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
बच्चों का उत्साह बना कार्यक्रम की सबसे बड़ी सफलता
वीवो कैमरा फोन के जरिए आधुनिक तकनीक सीखने का अवसर पाकर विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने हर गतिविधि में बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपनी कल्पनाशक्ति, अभिनय क्षमता तथा टीम भावना का शानदार प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य नानालाल वडेरा एवं समस्त शिक्षकों ने इस अभिनव पहल की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए डॉ. बेला मलिक, नवीन शर्मा, मौलश्री, सुनाक्षी, दिव्यांश सहित पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम ग्रामीण विद्यार्थियों के जीवन में नए अवसरों के द्वार खोलने का कार्य करते हैं।
