उदयपुर बनेगा इतिहास का साक्षी महाकाल मंदिर में सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के अवशेष का आगमन
Total Views : 394
Zoom In Zoom Out Read Later Print

रिपोर्ट: विकास लोहार। उदयपुर

उदयपुर एक बार फिर इतिहास का साक्षी बनने जा रहा है। हजारों वर्षों से आस्था, विश्वास और शिव-शक्ति का प्रतीक रहा सोमनाथ ज्योतिर्लिंग एक दिव्य यात्रा के माध्यम से भारत में दर्शन हेतु प्रवास पर है और वर्ष 2025 में इसका ऐतिहासिक पड़ाव उदयपुर बना है। मान्यता है कि प्राचीन काल में चंद्रदेव द्वारा पूजित यह ज्योतिर्लिंग भूमि से कुछ ऊपर दिव्य रूप में स्थित रहता था, किंतु कालांतर में हुए आक्रमणों के कारण यह दृश्य रूप से लुप्त हो गया। फिर भी आस्था समाप्त नहीं हुई। आक्रमणों के बाद भी कुछ दिव्य अवशेष सुरक्षित रहे, जिन्हें सदियों तक अग्निहोत्री ब्राह्मणों ने गुप्त रूप से संभाला और पूजा परंपरा को जीवित रखा। यही अवशेष समय के साथ पुनः प्रकट हुए और 2025 में इन्हें गुरुदेव श्री श्री रविशंकर को सौंपा गया। अब ज्योतिर्लिंग का यह मूल अंश देशभर में दर्शन यात्रा पर है, जिसका एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक चरण उदयपुर के महाकालेश्वर मंदिर में 30 दिसंबर 2025 को सायं 4 बजे से आरंभहोगा। इस अवसर पर दिव्य दर्शन, रुद्राभिषेक एवं महाआरती का आयोजन होगा, जिसमें भाग लेकर श्रद्धालु इस अलौकिक क्षण के साक्षी बन सकेंगे। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी उदयपुर के लिए एक गौरवपूर्ण अध्याय सिद्ध होगा।